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HAL Aerospace Museum (Bangalore) / वो अहसास हुआ की जब हम हवाईयात्रा करते है, तो यात्रा को सफल बनाने में कितनी सारी महेनत लगती है।

HAL Aerospace Museum (Bangalore)




   

 सुबह के 08:00 बजे थे, होटलका नास्ता करके मेरा पेट पूरी तरह से बहार आ गया था। मेरा दोस्त मिलन तो सुबहसे गूगल के पास बैठ गया था, की हम हमारा दूसरा दिन कहा पसार करे? गूगलने तो बैंगलोरकी पूरी हिस्ट्री ही खोलके रखदी पर हमारे पास इतना समय नहीं था की हम लोग सभी जगह घूम सके, तो हमने डिसाइड किया की HAL Aerospace Museum में घूमने और कुछ, नहीं बहुत कुछ जानकारी इकठ्ठी करेंगे।


    हमारी सफर सुबह के 08:00 बजे के आसपास से शरू होती है। हम लोग चिकपेट मार्केटसे मेट्रो गए, और फिर मेट्रोसे बस स्टेशन, इतना सफर बहुत आसान और मजेदार रहा पर उसके बाद तकलीफे शरू हुई। बस स्टॉपसे HAL Aerospace Museumकी बस कितने बजे आती है यह हम नहीं जानते थे, और उस वक्त गर्मी ज्यादा होनेसे हमारे बालो का पसीना पैरोकि एड़ी तक पहोच चूका था। हमने स्टेशनमें आते जाते हर इन्सानको पूछा की "HAL Aerospace Museum जाना हो तो?" सभी लोगो का जवाब एक जैसाही था की "अभी थोड़ी देरमें बस आएगी उसमे बैठ जाना।" और उनकी थोड़ी देर हमारे दो घंटे खा चुकी, फिरभी वह बस आई ही नहीं। फिर जब हम थके-हारे, और रुके हुए। बस स्टॉप परसे ही वापस जाने की तैयारी कर रहे थे तब किसीने आवाज दी की "लो आ गई HAL Aerospace Museum वाली बस। साला, ऐसा लग रहा था की एक्जाम में किसीने लास्ट मिनिट पर पुरे पेपरकी आंसर शीट हाथ में रखदी हो। हम लोग दौड़े और बिना किसीसे पूछे उस अंजान बस में बैठ गए। में और मिलन सचमें किसी अंजान इंसानकी बात यकीन करने लगे थे। यह कही बार अच्छा फायदा करवाती है और कही बार बहुत बड़ा नुकसान।







    यह अनुभवसे मैंने एक बात सीखी की अगर आपको सच्चा बैंगलोर देखना है तो आपके ऐसे ही घूमना होगा। जिससे आपको बैंगलोरमें आए दूसरे राज्यके लोग कैसे बैंगलोरके लोगोके साथ एक होकर रहते है, रोज वो लोग कैसे अपने काम पर जाते है, वहा के लोगोके दिलमें क्या है? ऐसी बहुत सारी बाटे हमने बस स्टॉप पर ही सिखली।




 

 अब में आपको HAL Aerospace Museumके बारे में कुछ बतादू HAL Aerospace Museum संग्रहालय बैंगलोर के प्रमुख सार्वजनिक आकर्षणों में से एक है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के परिसर में 2001 में उद्घाटन किया गया था, इस संग्रहालय की स्थापना एशिया की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण वैमानिकी कंपनियों में से एक एचएएल की यात्रा के बारे में जनता को शिक्षित करने के उद्देश्य से की गई थी, जिसे ऐतिहासिक, वैज्ञानिक या शैक्षणिक होना चाहिए। 







एक तरफ, संग्रहालय गर्व से भारतीय विमानन की विशाल छलांग का दावा करता है, दोनों वाणिज्यिक रूप से और साथ ही रक्षा के मामले में; और दूसरी तरफ, यह आगंतुकों को संभव सबसे प्रभावी वातावरण में एक सर्व-समावेशी एयरोस्पेस अनुभव प्रदान करता है। सिद्धांत और व्यवहार, दोनों में समान रूप से प्रदर्शनकारी होने के संदर्भ में कोई अन्य स्थान इससे मेल नहीं खाता।












  जब हम वहा पर पहोचे तो हमें काफी आनंद आया, और रास्ते में देखी बैंगलोर की बड़ी बड़ी इमारते मेरे सपनोंको बड़ा कर रही थी। संग्रहालय यह सुनिश्चित करता है कि आगंतुकों को HAL और भारत के वैमानिक इतिहास में सर्वोत्तम संभव अंतर्दृष्टि मिलती है - इसके प्रयोगों, उपलब्धियों और संभावनाओं; और साथ ही, उन्हें भारतीय वायु सेना की सबसे शक्तिशाली संपत्ति की झलक भी मिलती है। ऐसा प्रदर्शन न केवल विमानन उत्साही लोगों के लिए बल्कि आम आदमी के लिए भी करामाती अनुभव है बिलकुल HAL  Aerospace Museum के सामने हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग सेंटरभी है जहा पर प्रवासियोंका जाना मना है। हम दोनोंने खानाभी वही पर खा लिया था। दोपहरको थककर आंखो को शांति देने हम वापस होटल आगए।


  वहा से रिटर्न आते समयभी हमने बैंगलोरकी खूबसूरती को देखना नहीं भूले, जिसके बारे में फिर कभी बात करेंगे।

आखिर में वो अहसास हुआ की जब हम हवाईयात्रा करते है, तो यात्रा को सफल बनाने में कितनी सारी महेनत लगती है।  

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