Lal Tibba (Mussoorie,Uttarakhand) / यहासे मसूरीके पहाड़ियों का मजा दिल खोलकर ले सकते है।
Lal Tibba (Mussoorie, Uttarakhand)
यहासे मसूरीके पहाड़ियों का मजा दिल खोलकर ले सकते है।

मसूरीमे यह हमारा दूसरा दिन था। पहला दिन बहुत अच्छा बिता पर दूसरा दिन......काफी बुरा बिता। उसमे मसूरी जैसी सपनोंकी जगह की कोई गलती नहीं है। पर कल रात को जब हम मसूरिके कुछ किस्से, तस्वीरें और बाते साथ लेकर लौटे तो बहुत मजा आया और तब तक सबकुछ ठीक था। फिर जब हम खाना खाने गए तो मेरे अंकल का लड़का जो 08 सालका है, वो नहीं आया हमें लगा, रास्तेमें जो हमने नास्ता किया उसके कारण उनको भूख नहीं लगी होगी। पर जब हम खाना खा के वापस आये और उनके साथ बैठे तो पताचला की उनको बहुत बुखार है, और इसलिए वो हमारे साथ खाना खाने नहीं आया था। (मेरी आपसे गुजारिश है की अगर आप कोई सफर पर निकल रहे हो तो आप अपने साथ बुखार, बेंडेड, और अगर आपको कोई एलर्जी है तो उनकी टेबलेट जरूर साथ ले जाए, कभी कभी ये आपके सफर में बहुत ज्यादा काम लगती है, और यह जरुरीभी है।) में होटल के मैनेजर से मिला और फिर उनसे मसूरी के अच्छे डॉक्टर का नंबर लिया और उसे कोन्टेक किया। हां.... रात का समय था तो उसने हमें पैसे के मामलेमें लूट लिया हो ऐसा लग रहा था, पर यह जरुरी था। और डॉक्टरने यह एडवाइस दी की इसे एक-दो दिन आराम ही करने देने, अगर इसे थकान या बाहरी हवा की वजह से ठंड लगी तो काफी प्रॉब्लम हो सकती है।

बस, उसी कारण दूसरा दिन हमारा बहुत अच्छा नहीं गुजरा, पर हम लोग युही हाथपे हाथ रखके बैठने वालोंमेसे नहीं तो हम लोग शहरसे थोड़ी दूर लाल टिब्बा को देखने गए। व्यावसायीकरण से अछूता, लाल टिब्बा मसूरी से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर लंढौर में डिपो हिल के शीर्ष पर स्थित है। हम लोग पिली टेक्सी करके वहा पर गए थे। यह इस क्षेत्र में सबसे ऊँचा स्थान होने के कारण, लाल टिब्बा इस क्षेत्र के सबसे आश्चर्यजनक दृश्यों में से एक है। और नाम का शाब्दिक अर्थ 'लाल पहाड़ी' होता है। 2,275 मीटर (7,164 फीट) की ऊंचाई पर स्थित, लाल टिब्बा आपकी दर्शनीय स्थलों की यात्रा को पूरा करने के लिए एक आदर्श स्थान है। यहां स्थापित टेलीस्कोप अनमोल हैं, और बद्रीनाथ, केदारनाथ शिखर (6,940 मीटर) में नीलकंठ शिखर (6,596 मीटर) के सुंदर विषम फलक को पोषित करने में सहायता करते हैं, सबसे ऊंची 6,316 मीटर की ऊँचाई वाली तीन चोटियों की बंडेरपून रेंज सभी को देखा जा सकता है। पर वो एक बादल रहित दिन होना चाहिए।

हम लोग नास्ता साथ में लेकर गए थे। सारे गुजरात में सबसे सस्ता और बच्चो का मनपसंद नास्ता, चावलकी(ममरा) भेल, ये बनती कैसे हे अगर यह जानना होतो, सुनिए "आपको बजारमे मिलते सुके चावल (ममरा) खरीदना है और उसमे टमाटर, प्याज, निम्बू और अगर आपके पास चवाने का पैकेट है तो वह डालिए। बस, हो गई भेल तैयार, आप इसमें और भी सारी चीजे टेस्ट के अनुसार डाल सकते है, मैंने आपको बेजिक चीजे ही बताई है।
एक छोटी छत के रूप में, ला टिब्बा ने तिब्बत सीमा के विचारों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। यह जगह आरामदायक है और इसमें ब्रिटिश आर्किटेक्चर के अवशेष हैं। केवल कुछ ही स्थान हैं जो इस तरह के शानदार दृश्य पेश करते हैं और मसूरी में होने के नाते, इसे अपनी यात्रा की सूची से अलग करना आवश्यक है। घने जंगल के जंगल से घिरे होने से बेहतर कुछ चीजें हैं, एक छोटा सा सुरम्य हिल स्टेशन जो कि ताल के भीतर है और क्षितिज बर्फ से ढके पहाड़ों से घिरा है!
जब हम लोग दोपहरको वहा पर आराम कर रहे थे तो मसूरिका एक फेमेली वहा पर घूमने के लिए आया। मैंने उनसे मसूरी बारेमे काफी सारी बाते कही और उसनेभी मुझसे काफी सारी बाते कही। उसने जो बाते मुझसे कही थी उनमेंसे सबसे अच्छी बात यह थी कि यहां लोग काफी अच्छे दिलके है। हमारे यहा कभी कोई जगडा या मारपीट नहीं होती है। और सभी लोग अपनी जिंदगी आरामसे बिताते है और अगर किसीको मदद की जरूरत हो सभी लोग एक होकर उनकी मदद करते है। मैंने कहा हमभी ऐसेही लोग है। अगर आप किसी जगह जाते हो तो आपको वहाके स्थानीय लोगो से जरूर मिलना चाहिए, क्योकि वो आपको वहा के बारेमें काफी सारी बाते कहते जिसे जानकर आपको बहुत सारी खुशिया मिलेगी।
आज पूरा दिन हमने यही पर गुजरा और रात का सूर्यास्त को देखकर उसकी दिलमे पूरी तस्वीर बनाकर, वापस होटल की तरफ निकल पड़े। और मेरे अंकल के लड़के को आज काफी राहत थी पर हम लोगोकी कल रातकी गुजरात की टिकिट थी। अगर आपको इसकी टिकट के बारे में जानना है तो आप ऑनलाइन जान सकते है, अगर में वो बताने लगा तो ब्लॉग ज्यादा लम्बा हो जायेगा।
आज पूरा दिन हमने यही पर गुजरा और रात का सूर्यास्त को देखकर उसकी दिलमे पूरी तस्वीर बनाकर, वापस होटल की तरफ निकल पड़े। और मेरे अंकल के लड़के को आज काफी राहत थी पर हम लोगोकी कल रातकी गुजरात की टिकिट थी। अगर आपको इसकी टिकट के बारे में जानना है तो आप ऑनलाइन जान सकते है, अगर में वो बताने लगा तो ब्लॉग ज्यादा लम्बा हो जायेगा।


Post a Comment